वर्चुअल रियालिटी क्या हैं? (What is Virtual reality{VR})


वर्चुअल रियालिटी एक कम्प्यूटर सिस्टम हैं जिसका प्रयोग एक काल्पनिक दुनिया को क्रिएट करने के लिये किया जाता है। जिसमे यूजर यह होने का प्रभाव रखता है। कि वह उस दुनिया मे है तथा उस दुनिया मे objects को मैनीपूलेट करने और इसके माध्यम से उसे नेवीगेट करने की योग्यता का एहसास करता है।
Virtual reality का प्रयोग अक्सर 3D वातावरण उच्च विजुअल मल्टीमीडिया इत्यादि से संबंधित एप्लीकेशन्स के लिये किया जाता है। वर्चुअल रियालिटी आपको कम्प्यूटर के द्वारा जनरेट की गयी दुनिया मे होने का यह एहसास कराती है। जैसे-हम कम्प्यूटर पर कार रेस गेम खेलते है। तो हम उस खेल मे इस तरह समाहित हो जाते है, कि हमे ऐसा लगता है कि हम वास्तविक रूप से ही कार को ड्राइव कर रहे है। लेकिन actually मे ऐसा नही होता है।
virtual reality को स्पष्ट रूप से समझने के लिये हम मूवी का उदाहरण लेते है। जब हम मूवी थियेटर मे मूवी देख रहे होते है। तो हमारे सामने जेा घटना घट रही होती है। उसे देखकर हमे लगता है, कि जो कुछ भी सामने हो रहा है, वह actually मे हो रहा है, जबकि वह घटना काल्पनिक है। इस तरह हम virtual reality को संक्षिप्त रूप से इस तरह परिभाषित कर सकते है। कि virtual reality एक ऐसा concept है जो हमे किसी घटना के actually मे होना या आभास कराता है, लेकिन वास्तव मे ऐसा नही होता है। कि ये जो कुछ भी घट रहा है। वह Actually मे क्रियान्वित हो रहा है।
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Virtual Reality के विभिन्न प्रकार – Types of Virtual Reality?

Virtual Reality का अनुभव कई प्रकार से होता है. यह पूरी तरह से इस्तेमाल तकनीक पर आधारित दुनिया है. इसलिए जिस प्रकार की हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर तकनीक आभासी दुनिया को बनाने में उपयोग होती है. उसी प्रकार का अनुभव इंसान को होता है.
इस आभासी अनुभव के आधार पर VR Technology के तीन मुख्य प्रकार हैं.
  1. Fully Immersive VR
  2. Semi-Immersive VR
  3. Non-Immersive VR

Fully Immersive Virtual Reality

यह आभासी दुनिया का वास्तविक अनुभव कराने की उच्च तकनीक है. जिसमें HMDs (Head-Mounted Display) तथा मोशन डिटेक्टिंग डिवाइसों के जरिए इंसानी इंदिर्यों को सच्चाई का वास्तविक आभास कराने का प्रयास किया जाता है. इस VR तकनीक में वास्तविक युजर अनुभव का आभास होता है.

Semi-Immersive Virtual Reality

इस आभासी दिनिया में इंसान आंशिक तौर पर आभासी दुनिया का वास्तविक अनुभव कर पाता है. इसे आप विडियों गेम्स तकनीक के समान मान सकते है. इस Virtual Reality को बनाने के लिए High Performance Graphical Computer Systems तथा बड़ी स्क्रीन प्रोजेक्टर या टेलिविजन का इस्तेमाल होता है.

Non-Immersive Virtual Reality

यह वर्चुअल रियलिटी का सबसे कम आभास वाला अनुभव कराने की तकनीक है. जिसका आभास इंसान को किसी High Resolution Monitor के जरिए करवाया जाता है. यह एक 3डी पैटिंग देखने के समान अनुभव होता है.
उपरोक्त आभासी दुनिया के अलावा आजकल Web-Based Virtual Reality भी प्रचलन में है. जिसे VRML (Virtual Reality Markup Language) के द्वारा तैयार किया जाता है. इस तकनीक को कम लागत, कम समय में अधिक लोगों तक अनुभव कराया जा सकता है.
ई-कॉमर्स साईट्स, सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स वेब-आधारित आभासी दुनिया का उपयोग करने लगे है. जिसका अनुभव आपने प्रोडक्ट देखते वक्त किया होगा.


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